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Saturday, 2 July 2016

आखिरी उम्मीद ! Hindi Story on Hope

आखिरी उम्मीद ! Hindi Story on Hope






Man lost in desert रेगिस्तान में खोया आदमी Hindi Story on Hopeएक बार एक आदमी रेगिस्तान में कहीं भटक गया। उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी-बहुत चीजें थीं वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं और पिछले दो दिनों से वो पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा था।
वह मन ही मन जान चुका था कि अगले कुछ घंटों में अगर उसे कहीं से पानी नहीं मिला तो उसकी मौत पक्की है।
पर कहीं न कहें उसे ईश्वर पर यकीन था कि कुछ चमत्कार होगा और उसे पानी मिल जाएगा… तभी उसे एक झोपड़ी दिखाई दी! उसे अपनी आँखों यकीन नहीं हुआ..पहले भी वह मृगतृष्णा और भ्रम के कारण धोखा खा चुका था…पर बेचारे के पास यकीन करने के आलावा को चारा भी तो न था! आखिर ये उसकी आखिरी उम्मीद जो थी!
वह अपनी बची-खुची ताकत से झोपडी की तरफ रेंगने लगा…जैसे-जैसे करीब पहुँचता उसकी उम्मीद बढती जाती… और इस बार भाग्य भी उसके साथ था, सचमुच वहां एक झोपड़ी थी!
पर ये क्या? झोपडी तो वीरान पड़ी थी! मानो सालों से कोई वहां भटका न हो। फिर भी पानी की उम्मीद में आदमी झोपड़ी के अन्दर घुसा… अन्दर का नजारा देख उसे अपनी आँखों पे यकीन नहीं हुआ…
वहां एक हैण्ड पंप लगा था, आदमी एक नयी उर्जा से भर गया…पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसता वह तेजी से हैण्ड पंप चलाने लगा। लेकिंग हैण्ड पंप तो कब का सूख चुका था…आदमी निराश हो गया…उसे लगा कि अब उसे मरने से कोई नहीं बचा सकता…वह निढाल हो कर गिर पड़ा!
तभी उसे झोपड़ी के छत से बंधी पानी से भरी एक बोतल दिखी! वह किसी तरह उसकी तरफ लपका!
वह उसे खोल कर पीने ही वाला था कि तभी उसे बोतल से चिपका एक कागज़ दिखा….उस पर लिखा था-
इस पानी का प्रयोग हैण्ड पंप चलाने के लिए करो…और वापस बोतल भर कर रखना नहीं भूलना।
ये एक अजीब सी स्थिति थी, आदमी को समझ नहीं आ रहा था कि वो पानी पिए या उसे हैण्ड पंप में डालकर उसे चालू करे!
उसके मन में तमाम सवाल उठने लगे… अगर पानी डालने पे भी पंप नहीं चला….अगर यहाँ लिखी बात झूठी हुई…और क्या पता जमीन के नीचे का पानी भी सूख चुका हो…लेकिन क्या पता पंप चल ही पड़े….क्या पता यहाँ लिखी बात सच हो…वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे!
फिर कुछ सोचने के बाद उसने बोतल खोली और कांपते हाथों से पानी पंप में डालने लगा। पानी डालकर उसने भगवान् से प्रार्थना की और पंप चलाने लगा…एक-दो-तीन….और हैण्ड पंप से ठंडा-ठंडा पानी निकलने लगा!
वो पानी किसी अमृत से कम नहीं था… आदमी ने जी भर के पानी पिया, उसकी जान में जान आ गयी, दिमाग काम करने लगा। उसने बोतल में फिर से पानी भर दिया और उसे छत से बांध दिया। जब वो ऐसा कर रहा था तभी उसे अपने सामने एक और शीशे की बोतल दिखी। खोला तो उसमे एक पेंसिल और एक नक्शा पड़ा हुआ था जिसमे रेगिस्तान से निकलने का रास्ता था।
आदमी ने रास्ता याद कर लिया और नक़्शे वाली बोतल को वापस वहीँ रख दया। इसके बाद वो अपनी बोतलों में पानी भर कर वहां से जाने लगा…कुछ आगे बढ़ कर उसने एक बार पीछे मुड़ कर देखा…फिर कुछ सोच कर वापस उस झोपडी में गया और पानी से भरी बोतल पे चिपके कागज़ को उतार कर उस पर कुछ लिखने लगा।
उसने लिखा-
मेरा यकीन करिए…ये काम करता है!
दोस्तों, ये कहानी life के बारे में है। ये हमे सिखाती है कि बुरी से बुरी स्थिति में भी अपनी उम्मीद नहीं छोडनी चाहिए और इस कहानी से ये भी शिक्षा मिलती है कि कुछ बहुत बड़ा पाने से पहले हमें अपनी ओर से भी कुछ देना होता है। जैसे उस आदमी ने नल चलाने के लिए मौजूद पूरा पानी उसमे डाल दिया।
देखा जाए तो इस कहानी में पानी जीवन में मौजूद अच्छी चीजों को दर्शाता है, कुछ ऐसी चीजें जिसकी हमारे नार में value है। किसी के लिए ये ज्ञान हो सकता है तो किसी के लिए प्रेम तो किसी और के लिए पैसा! ये जो कुछ भी है उसे पाने के लिए पहले हमें अपनी तरफ से उसे कर्म रुपी हैण्ड पंप में डालना होता है और फिर बदले में आप अपने योगदान से कहीं अधिक मात्रा में उसे वापस पाते हैं।

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Friday, 10 June 2016

जनकल्याण को धरा पर आई गंगा












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जनकल्याण  को धरा पर आयी गंगा 

दो दिन बाद देश में गंगा दशहरा कि धूम होगी . ज्येष्ठ मॉस के शुक्लपक्ष कि दसमी को हर वर्ष गंगा दशहरा मनाया जाता है . पुरानो में वर्णित कथाक्रम  के अनुशार मन जाता है  कि इसी दिन धरती पर गंगा मैया का अवतरण हुआ था. ऋग्वेद  में कही -कही गंगा  का उल्लेख आया  है, लेकिन पुरानो में तो गंगा अवतरण कि कथा का बार रोमाचित है .
महाप्रतापी रजा सागर ने अस्व्मेध यझ संपन्न कर अस्व्मेध का घोर छोरने कि तैयारी कि. यह घोर चारो तरफ दूर दूर के राज्यों में घूम कर  यदि वापिस आपनी राजधानी आ जायेगा  और किसी द्वारा पाकर न जायेगा , तो मना जाता था  कि अस्व्मेध करने वाला रजा चकवर्ती सम्राट  कि उपाधि वाला हो गया. इसके बिपरीत यदि किसी रजा ने उस घोरे को पकर लिया ,तो इसे चुनौती मान कर उस घोरे के पीछे चल रहा सैन्य दल उस रजा से युद्ध करता था  .और उसे हरा कर घोरे को मुक्त कर आगे बढ़ता था . यदि सैन्य दल उस रजा को परस्त नहीं कर पाया तो , उस रजा को चक्रवर्ती बन पन संभव नहीं था .
जब राजा सगर  अस्व्मेध का घोर छोरने का साडी तैयारी पूरी कर चुके थे , उससे पहले रात्रि  में हि देवराज इंद्रा  ने राजा कि अस्व्शाला से घोरे को चुरा लिया . सगर  के प्रक्रम से इंद्रा डरा हुआ था  कि यदि वः चक्रवर्ती राजा बन गया , तो कही आगे चल कर कही वह स्वर्ग पर भी कब्ज़ा कर इन्द्रसान न छीन ले . इसलिए  अस्व्मेध में बाधा डालने के लिए  इंद्रा ने घोरा को चुरा लिया  और चुरा कर  दूर कपिल मुनि के अस्राम में घोरे को चुपके से बांध दिया . इधर सुबह घोर छोरने के लिए देखा तो घोर नदारत  . अफरातफरी मंच गया कि आखिर घोर कहा गया . घोरे कि खोज में सैन्य दल निकल पड़े  अलग अलग दिशाओ में .

उल्लेख आता है  कि सूर्य वंशी  राजा के 60 हजार पुत्र थे  ओ भी अलग दल बना कर पिता कि सम्मान के रक्षा के लिए निकल पड़े .घोरे कि खोज में .
खोजते खोजते धरती का छोर आ गया  और सामने देखा तो समुन्द्र कि अथाह जल  दूर दूर तक फैला था .आस पास खोजा तो उसने पाया कि  कोई ऋषि आपने अस्राम  में तपस्या कर रहा है .  और घोर वही बंधा है . सगर कि पुत्रो ने घोरे को पहचान लिया  और आपना क्रोध व्यक्त करने लगा .इसी क्रोध में एक पुत्र ने ऋषि को ललकारा  कि घोर चुरा कर  अब यहाँ ताप कर रहे हो.. इसी बीच ऋषि मुनि का ध्यान टुटा . और जैसे हि उन्होंने अखे खोली , आंखे से निकले तेज से सगर के 60 हजार पुत्र  भस्म हो गया .
इधर रजा सगर परेशां था कि सैन्य  तुक्रिया वापस लौट आज्यी , पर घोरे का कही पत न चला . घोरे कि खोज में 60 हजार पुत्र गए वापिस नहीं लायेते .
चिंतित रजा आपने पोत्र अंशुमन  से कि व्यथा कि पुत्रो कि खोज में जाने को कहा . दुन्ध्ते दुन्ध्ते  जब अंशुमन उसी अस्राम में पंहुचा तो  चारो तरफ  रख का डेढ़ देख कर चौक गया . उसने ऋषि को देख कर प्रणाम किया और आपनी चिंता बताई .ऋषि ने कहा मै कपिल मुनि हु  और ये जो रख के ढेर तुम देख रहे हो , ये रजा सगर कि पुत्रो कि भस्म है . कह कर ऋषि ने पूरा वृतांत अंशुमन को बता दिया . अंशुमन ने कहा कि ये सब अकाल मौत मरे है , इनकी मुक्ति कैसे होगी.. कपिल मुनि ने उपाय सुझाये कि स्वर्ग से  गंगा को लेन पर  हि उसके पवित्र स्पर्श से इनकी मुक्ति हो संभव है.Image result for गंगाऋषि ने बताया कि  विष्णु  के चरणों से निकली गंगा गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल में विराजमान है . ब्रह्मा कि स्तुति करने से हि वह प्रसन होकर गंगा को धरती पर भेजेंगे .अंशुमन ने खूब कठिन ताप किया . लेकिन ब्रह्मा जी प्रसन्न नहीं हुए . उनके बाद इसी साधना में अन्शुमकं के पुत्र राजा दिलीप ने भी आपने ताप से ब्रह्मा को प्रसन्न करने कि कोशिस कि . अंतत: पिता के बताये ताप को पूरा करने के लिए भागीरथ  ने बीरा उठाया . आखिर कार ब्रह्मा प्रसान हुए और वरदान मांगने को कहा  , तब राजा भागीरथ  ने आपने पुरखो के  मुक्ति को गंगा को धरती पर भेजने कि  कि प्राथना कि .ब्रह्मा के कहने पर  गंगा स्वर्ग चोर कर पृथ्वी लोक में आने को तैयार नहीं थी , तब  ब्रह्मा जी ने  गंगा को  लोककल्याण के लिए धरती पर अवतरित होने का अनुरोध किया.\
गंगा मन तो गयी , लेकिन स्वर्ग से  धरती पर उनके त्रिव बेग को संभालेगा कौन , तब ब्रह्मा के अनुरोध  से महादेव गंगा को आपनी जटाओ में गंगा को धारण करने के तैयार हुए. इस तरह गंगा सिवजी के जटाओ  से होति हुई धरती पर अवतरित हुई.रजा भागीरथ आगे आगे चलते रहे  और गंगा  उस मार्ग का अनुशरण करती हुई कपिल मुनि के अस्राम पहुची जहा उनके  पवित्र  जल का स्पर्श पाकर भागीरथ कि पुरखो कि मुक्ति हुई.

भागीरथ गंगा को धरती पर लाये इसलिए उन्हें भागीरथी भी कहे जाने लगा . सामने  समुन्द्र को देख कर  गंगा का विलय हुआ , वह भी एक माहन तीर्थ बन गया  गंगासागर , बंगाल कि खरी में यह गंगा और सागर कि संगम  हिन्दुओ का पुन्य तिथि है, जिसके महत्त्व को दर्शाते हुए लोकोक्ति बन गयी . सारे तीर्थ बार बार , गंगा सागर एक बार ' यानि कि जो पुन्य सरे तीर्थ को बार बार करने से मिलता है , वह गंगासागर में एक बार मिलता है. एक बार सनान करने से मिलता है.
यह गंगा सागर में एक बार स्नान करने से प्राप्त हो जाता है. गंगोत्री से गंगा सागर तक कि यह करीब 2500 किमी कि यात्रा गंगा कि पवित्रता , निर्मलता,अविरलता और प्रवहमानता के रूप में  अनादी काल से भारत कि संस्कृति का तो पोषक रही है.मनुष्य जीवन विशेषत: हिन्दुओ के लिए जीवन कि प्रेरणा मणि जाती है.गंगा जल जहा मुक्ति का प्रतिक मन जाता है , व्ही रोगनाशक  भी . वर्षो तक रखे रहने पर भी गंगाजल कि यह विशेषता है , कि वह प्रदूषित नहीं होता .

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Saturday, 4 June 2016

धन का व्यर्थ संचय meaningless accumulation of welth

धन का व्यर्थ संचय    meaningless accumulation of welth





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 किसी नगर में एक धनवान व्यक्ति  रहता था . उनके पास आपर भू - सम्पति थी. परन्तु वह बेहद कंजुष था .
पदार्थो में सबसे कीमती पदार्थ सोना [गोल्ड] तो उसे बहुत प्रिये था . सोने कि ये प्याश उसमे इतना बढ़ी कि   उसने आपनी जमीं जायदाद बेच कर सोने  का सिक्क्के  खरीद लिए.  उसने सभि सोने के सोने के सिक्को को एक संदूक में भर लिया .इसके बाद रात के अँधेरे में  उसने  सोने से भरा संदूक जमीं में  गार दिया ./ कुछ दिन बाद  धनवान को उस सोने  कि सिक्के से भरे  संदूक कि चिंता होने लगी  , उसे लेकर  बहुत चिंतित रहने लगा .
वह पर्तिदिन उड़ स्थान पर जाता , जहा सोने से भरा संदूक गारा हुआ था . वह उस स्थान कि खुदाई करता  और आपनी आखो से  सोने  से भरा संदूक को देखता तभी वह घर लौटा ता
 वह केवल दिन रात केवल सोने के विषय में सोचता  रहता . व्हाक इस सोने के चक्कर में वह आपनी पत्नी , आपने बछ्हे और यहाँ तक कि आपना होस तक खो बैठा .  उसका पर्तिदिन उस स्थान पर जाना और भूमि खोद कर उस सोने से भरे संदूक को देखना . कई लोगो के मन में संदेह उत्पन्न करने लगा . उन्ही में से एक चोर भी था . एक दिन वह चोर पैर पर छिप कर बैठ गया , और उस धनवान कि आने कि प्रतीक्षा करने लगा . वह कंजुष रात के अँधेरे में उस स्थान पर आया . चारो तरफ धयान से देखा  और भूमि कि खुदाई में जुट गया  जब खुदाई के स्थान पर गदडा  बन गया , तो कंजूस ने भीतर झक कर देखा , और फिर संतुस्ट होकर गड्डा में मिटटी दाल कर  बंद किया , और फिर  आपने घर चला आया . उस धनवान कंजूस के चले जाने के बाद  चोर पैर से उतरा , उस्नयूसी स्थान कि खुदाई कि , और उत्सुकता बस गद्द्दे में झाकने लगा . वह सोने से भरा संदूक डेक वह दांग रह गया , उसने जमीं से सोने भरा संदूक निखला और लेकर चम्पत हो गया . दुसरे दिन आपनी निश्चित दिनचर्या के अनुशार  वह कंजुष व्यक्ति  उसी स्थान पर पंहुचा , और वह खुदाई करने लगा . मगर उसके हाँथ कुछ नहीं लगा , बहुत देर बाद उसे समझ आया कि उसके सोने से भरी संदूक किसी ने चुरा लिया . उसकी मानसिक स्थिति  बिगर गयी . वह आपने कपरे फार फार कर चीख चिलाने लगा . उसका रोंस देख कर उसकी परोशी बोला --- क्यों चिल्ल्ला रहे हो.? तुम्हारे पास जो धन था वह बेकार था ,  तुम केवल यह कल्पना करते थे कि तुम धनवान हो , अब भी यही कल्पना कर लो जहा सोना था वह एक पत्थर रख लो , और सोचते रहो कि सोना परा है. तुम्हारा सोना मिटटी में परा बेकार परा था . किसी के कलाम नहीं आ रहा था , तो पत्थर भी विष हि है.
तुमने तो धन केवल देखने के लिए रख  रखा था , . जाओ आब घर जा कर आपने बीबी बच्चे कि देख भाल करो.  वह सोने से ज्यादा कही मूल्यवान है.




" भगवान् ने हमारे  मस्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित  शक्तिया और क्षमताये दी है . इश्वर कि प्राथना हमें इन सक्तियो को विकसित करने में मदद करती है.
                                                                                                   एपी जे अब्दुल कलाम



जो आपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गया है, उसे हि प्रकाश के दर्शन होते है है. जो थोरा इधर उधर हाँथ मरते है , वे कोई लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाते .  वे कुछ क्षणों के लिए बड़ा जोश दिखाते है , किन्तु वह सिंगर हि ठंडा हो जाते है.
                                                                                    स्वामी विवेकानंद 
 आप आपने भविष्य  को नहीं बदल सकते , लेकिन आप आपनी आदत को बदल सकते है  तथा सुनिश्चित माने आपकी आदते आपका भविष्य बदल सकते  देगी.
                                                                                       बनार्ड शा 
धन से आज तक किसी को खुसी नहीं मिली  और न हि मिलेंगी , जितना अधिक व्यक्ति के पास धन  है, वह उससे कही अधिक चाहता है. धन रिक्त स्थान  को भरने के बजाये शुन्यता को पैदा करता है .                                                                           बेंजामिन फ्रेंकलिन 
 सभि से प्रेम करे, कुछ पर विश्वाश करे  और किसी के साथ भी गलत नहीं करे

                                                                                                     विलियम शेक्सपियर 
 निराशावादी हर  हर अवसार में कठिनाई देखता है, जबकि आशावादी हर कठिनाई में अवसार देखता है .


                                                                                                विंस्टन चर्चिल
जब प्यार और नफरत दोनों हि न हो तो  हर चीज  साफ़ और स्पस्ट  हो जाती है.

                                                                                            ओशो

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Wednesday, 1 June 2016

मनुष्य की उदासी -The Sadness of Man

मनुष्य की उदासी -The Sadness of Man

The Man and the Seaमनुष्य गहरी निराशा के क्षणों में अकेला बैठा था. तब सभी जीव-जंतु उसके निकट आए और उससे बोलेः-
“तुम्हें इस प्रकार दुखी देखकर हमें अच्छा नहीं लग रहा. तुम्हें हमसे जो भी चाहिए तुम मांग लो और हम तुम्हें वह देंगे.”
मनुष्य ने कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरी दृष्टि पैनी हो जाए.”
गिद्ध ने उत्तर दिया, “मैं तुम्हें अपनी दृष्टि देता हूं.”
मनुष्य ने कहा, “मैं शक्तिशाली बनना चाहता हूं.”
जगुआर ने कहा, “तुम मेरे जैसे शक्तिशाली बनोगे.”
फिर मनुष्य ने कहा, “मैं पृथ्वी के रहस्यों को जानना चाहता हूं.”
सर्प ने कहा, “मैं तुम्हें उनके बारे में बताऊंगा.”
इस प्रकार अन्य जीव-जंतुओं ने भी मनुष्य को अपनी खूबियां और विलक्षणताएं सौंप दीं. जब मनुष्य को उनसे सब कुछ मिल गया तो वह अपने रास्ते चला गया.
जीव-जंतुओं के समूह में उपस्थित उल्लू ने सभी से कहा, “अब जबकि मनुष्य इतना कुछ जान गया है, वह बहुत सारे कामों को करने में सक्षम होगा. इस विचार से मैं भयभीत हूं.”
हिरण ने कहा, “मनुष्य को जो कुछ भी चाहिए था वह उसे मिल तो गया! अब वह कभी उदास नहीं होगा.”
उल्लू ने उत्तर दिया, “नहीं. मैंने मनुष्य के भीतर एक अथाह विवर देखा है. उसकी नित-नई इच्छाओं की पूर्ति कोई नहीं कर सकेगा. वह फिर उदास होगा और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए निकलेगा. वह सबसे कुछ-न-कुछ लेता जाएगा, और एक दिन यह पृथ्वी ही कह देगी, ‘मैं पूरी रिक्त हो चुकी हूं, मेरे पास तुम्हें देने के लिए कुछ नहीं है.'”
(मेल गिब्सन द्वारा वर्ष 2006 में निर्मित व निर्देशित अमेरिकन एपिक एडवेंचर फिल्म एपोकेलिप्टो से)

And a Man sat alone, drenched deep in sadness. And all the animals drew near to him and said, “We do not like to see you so sad. Ask us for whatever you wish and you shall have it.” The Man said, “I want to have good sight.” The vulture replied, “You shall have mine.” The Man said, “I want to be strong.” The jaguar said, “You shall be strong like me.” Then the Man said, “I long to know the secrets of the earth.” The serpent replied, “I will show them to you.” And so it went with all the animals. And when the Man had all the gifts that they could give, he left. Then the owl said to the other animals, “Now the Man knows much, he’ll be able to do many things. Suddenly I am afraid.” The deer said, “The Man has all that he needs. Now his sadness will stop.” But the owl replied, “No. I saw a hole in the Man, deep like a hunger he will never fill. It is what makes him sad and what makes him want. He will go on taking and taking, until one day the World will say, ‘I am no more and I have nothing left to give.'”
(from Apocalypto, a 2006 American epic adventure film directed and produced by Mel Gibson)


Wednesday, 18 May 2016

LIFE KYA HAI ? LIFE KO KAISE ENJOYFUL OR SUCCESSFUL BANAYE JAAYE.

LIFE KYA HAI ? LIFE KO KAISE  ENJOYFUL OR SUCCESSFUL  BANAYE JAAYE.







HELLO DOSTO, MAI AAJ RADIANTGAURAVRADIANTGAURAV ME EK EK NAYA TOPIC LAAYA HU , JO AAPKO BAHUT ACHCHA  AUR BAHUT HI INTRESTING  LAGEGA .friends kya aap apni life enjoy kar rahe ho? kya aap aapne life ko successeful banane  ke liye work start kar diye ho. kya aap enjoy aur successe ko eksath lekar chalna chahte hai ,ya chal rahe hai?kya successeful banne me aapki life boring ho gayi hai.. etc
 ha dosto, aagar aapke dimag me  aisa question aa raha hai ,to mai aapki help kaRUNGA , is topic ke madhyam se LIFE KYA HAI ? LIFE KO KAISE  ENJOYFUL OR SUCCESSFUL  BANAYE JAAYE., aap ye topic dhyan se padhe .





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LIFE KO ENJOY KARNA SIKHE?

DOSTO, SABSE PAHLE AAP AAPNE LIFE KO ENJOY KARNA SIKHE, 
aap kabhi is baare me sochte hai ki jab aap chhote the tab  kitni masti karte the ,  aur haa kisi baat ki tenstion nahi hoti thi . ha lekin ham jaise jaise bade hote jaate hai , waise waise hamari life se masti nikalti jaati hai , is baaat ka  gaur aap shyed kiye honge ,  aur ab aapki life rah jaati hai bus tenstion , aur ham tension ki wajah se  kisi ko khas nahi kar paate hai., study,,aim focus, girlfriend etc , ye sab tenstion ki trah lagta hai.

kabhi kabhi mai bhi sochne lagta hu ki mai bhi chota hi rahta to achha tha,  ek mera bhi girlfriend hai , wo hamare liye bhi tenstion hai , , lekin mai use aapna tenstion mani manta hu , 
but kyu ! kyu ki o hame itni maja jo deti hai , , kash mai bhi chota rahta sirf masti karta , but aisa possible to hai nahi.
ha, lekin kisne kaha ki ham bare hokar masti nahi karte hai . bus hame life ko dekhne ka hame aapna attitude change karna hoga . hame life ko enjoy karna hai , sikhna hoga remmeber ,""""""""""""""""" ye umar maine kuch kaha , par tune shyed suna nahi . tu mera bachpan to chhin sakta hai , but lekin tu chah kar bhi meri bachpana nahi chin sakta .

"''' so always  do thing which  you love do in your childhood.



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success with enjoyment

 friends  har kisi ke life ek aim[destination] hota  hai  jise pura karne ke liye vah har insaan puri mehnat karta hai . . har vha insaan jo aapne aim ko paane ke liye imagein karta hai , vha aapne aim ko har halat me pana chahta hai .bul in sab ke chlte ham life me injoyment ko bhul jaate hai . dosto hard work karna galat nahi hai. but aaja ke time me hard workkarna bahut  jaruri hai, had se bhi jyada jaruri hai hard work karna ., ha lekim sath  hi sath life ke enjoyment ko out karna galat hai , , so aap aapne life ko   succeses banane  kesh , enjoyful bhi banaye . dosto,  yaha  life me succesful banane ke liye ,  yaha enjoyment bhi bahut jaruri hai. jise karke hard work karne me bahut maja aata hai. ham apne kaam ko enjoy karen lag jaate hai. . enjoy karne ke liye ham aapne friends aur family ke sath outing kar sakte hai. games etc aapna sakte hai.



LIFE KO SUCCESSFUL BANNANE KE TIPS


 SABSE PAHLE , AAPNA  LIFE KO SUCCESSFUL BANANE KE LIYE , AAP AAPNA AIM KO FOCUS KARE .AIM PURA KARNE KE LIYE EK PLANE KI JARURI HAI , AAP EK PLANE BHI BANAYE.,aur plan ko pura karne ke liye hard work  kare.
 hard work karne ke liye  aap aapne mind aur body ko ready rakhe., jab kabhi lazy aur down feel kare to aap apna aim ko yaad kare  . aap apne aim ke liye rasta aur thaught khud v khud banaye .suno sab ki karo man ki  life me kuch alag karne ke liye aapko bheer se alag chale , aap apna rasta khud banaye .\ kisi aur  ke bharose nahi rahe , khud pe blief kare ki ham ye kar sakte hai , chahe mujhe koi bhi paristhiti ko q na jhelna pare koi fark nahi parta hai.
 mai jhelne ke liye taiyaar hu. isse mejhe koi frk nhi padta hai.

LIFE KO ENJOYFULL BANANE KI TRICKS


 AGAR AAP AAPNE LIFE ME ALONE HO gaye hai ,akele ho gaye hai. to aise me  aap aapne dosto ko yaad kare , kyunki dosti hi hamare life ko akelepan ko dur kar sakta hai.  aisa kaha jaata hai , ki life me kuch sikhne ki umar nahi hoti , is baat ko mai bhi manta hu , ki life me insaan har pal kuch na kuch sukhta ,  achha ya bura kuch na kuch har pal sikhta hai ,  so dosto, aagar aapki koi dream adhura rah gaya hai , to aap is time  pura kar sakte hai . isi life me enjoyment aati hai. aap daily rutine se hat kar kuch alag kare , jise karne se aapko  khusi mile. kabhi kabhi  kisi bachhe ke sath bhi time spend kare . aisa  kaha jaata hai ki bachho  ke sath time pass asani se ho jata hai. or ha man bhi khus ho jaata hai.. 
pure ek saal me ek baar jarur jaye  , aapne friends ke sath triep pe.


ANOTHER TIPS AND TRICS:-----


 LIFE IS LIKE AN ICE - CREAM , ,WHEATER YOU EAT OR NOT IT MELTS..
dosto ,   insaan ki life  simit hoti hai , aap chalo to ise jee sakte ho , ya is  life kaat sakte hai. aapki margi pe depent karta hai . aap kya karna chahoge , aap life ko  jina chahenge ya katna chahenge , , ye aap   par depend karta hai., kabhi bhi aap aapne  aim ke sath compermise na kare. , successful banne ke liye aapna focus banaye rakhe . life style ki jarurat hai, ise banaye rzakhe . , aagar aap life se bor ho gaye hai ,to aap aapne pure khusi ka momment ko yaad kar use fir sze jiye , aap aapne aim ke piche itne jyada busy na ho jaaye ki aapke paas enjoy ka time hi naa rahe ., ha kahi aisa na kare ki aap enjoy karte karte aap aapni aim ko bhul jaaye ..

dosto, enjoyment or successful life me dono  se hi happiness banti hai . . dosto aagar aapko ye article achha laga hai ,to aap ise like aur share jarur kare , aagar aap aapna kuch expreence share karna chahte hai to aap hame comment jarur kare ..---------------------------++++++++++++++++++++++++------------------------------------------------------

Monday, 16 May 2016

सतर्कता जरुरि है , ताकि भटक न जाये आपका बच्चा ,

सतर्कता  जरुरि है , ताकि भटक न जाये आपका  बच्चा ,

 माँ - बाप आज के बच्चो को कैरिएर बनाने के लिए  दुसरे शहर में भेज देते रहे है.  मगर कई बार इस पढाई के नाम पर मिली  इस आजादी का नाजायज फायेदा उठा लेते है ,, जो उसे भटकाव में ले जाते है.











 माता पिता बच्चो को अच्छी सिक्षा के लिए घर से दूर भेजते है, उनकी पढाई का कोई कसार नहीं चोर्ते ,लेकिन कहा चुक जाते है कि बच्चे भटक जाते है? युवाओ के दिल और दिमाग में बस गया है , आधुनिकता का  मतलब आजादी .वे खुले आस्मां में उरना चाहते है .उनके दिमाग में बस एक हि बात रहती है-  हां मै आजाद हु, उनकी जीवनशैली बदल चुकी है. वे लग्जीरियस लाइफ के आदि होते जा रहे है .टेलीविज़न ,फिल्मे दुनिया , पेज 3 , राईस कि  दुनिया में बनते बिग्रते आयाम को रोल मॉडल मान लेते है . छलावे में छलनी होति उनकी ज़िन्दगी कि तरफ ध्यान नहीं जाता है . भोतुक्बाद में बदता बिस्वास और  किसी भी कीमत पर आपना स्वार्थ को पूरा करने के लिए  छह चरम सीमा पर होति है., आगे तो बढ़ना है , मगर उनका PATEINCE ख़त्म होते जा रहा है.लिव इन रिलेशन शिप को फैशन कि तरह अपनाते जा रहे है  जो कि चिंता का विषय  है .फ्रेंडशिप गजेट लव में भावनात्मक संबंधो से कटते जा रहे  है. यह उम्र हि ऐसी होति है कि , कि माता पिता कि पकर ढीली हुयी नहीं कि  च्चे भटक कर दूसरी लाइन पर चली जाती है , पढाई कैरिएर सब खत्म कर लेते है ,






और हाँथ आती है तो सिर्फ हताश . जब कोई  अनहोनी हो जाती है तो ,बस पछतावे कि सिवा कुछ हाँथ नही आता है .,कम उम्र में नशे कि लत ,टीनएज  प्रेग्नेंसी, कोई गंभीर अपराध जैस्सी बाते  सामने आती है.






युवा होते बछो को चाहिए कि माँ बाप कि बात को जनरेशन गैप  कह कर  मजाक  न उराये , अन्यथा भविष्य में उनके लिए भरी पर सकता है . अगर युवा खुद  को  गुड लुकिंग , स्मार्ट , डैसिंग  समझते है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है , हा लेकिन इसे बनाये रखने के लिय व्यवहारिक ता  को भी  नजर अंदाज नहीं करे , .. उनके साथ  माता -पिता हर मुद्दे पर खुल कर बात करे |, या चर्चा करे 





SOME IMPROTANT  LANGUAGE



  • घर से दूर बच्चो पर बराबर नजर बांये रखे 
  • उनसे हमेशा  सम्पर्क में रहे 
  •  किशोरों को गलतिय के लिए डटने के बजाये , बताये कि उनसे इस उम्र में क्या क्या , गलतिय कि और उनसे क्या   सिखा 
  •  आपने युवा  होते  बच्चो को अहसास  दिलाये कि आप उसके एक अछे दोस्त  भी है.
  •  आप उनके सिर्फ माँ बाप हि नहीं , आप उसके अछे दोस्त भी है .,तब ओ खुल कर  ओ आपसे किसी भी बीसी पर बात कर सकते है .
  •  इससे न सिर्फ जनरेशन गैप  कम कर सकते है ,  बल्कि उन्हें सही औरे गलत में फर्क से परिचित करा सकते है.,.
  • बछो कि गलतिय पर तुरंत पर्तिक्रिया न करे , PATIENCE बनाये रखे , उन्हें बताये कि गलतिय  सभि से होति  है, बस उसे सुधार जा सकता है.
  • सेक्स , प्रेम जैसे  संबंधो पर उनके मन में कोई गलत  धारणा न बनने दे.
  • \



बिलीव में लेकर समझाए 

माता पिता कि आपनी दलीले होति है , कि उनके युवा होते उनके बच्चे उनकी बात नहीं मानते है ,वैसे भी अब वह समय भी न रहा कि माता पिता उनके सारा दिन उन्हें उपदेश देते रहे , या हमेशा उनके कर्तव् का अहसास  दिलाये ,  पर जरुरत है ,खामोश रह कर भी , गौर करने कि , कि ओ किस तरह कि एक्टिविटी में है , कैसे दोस्तों कि सांगत में है , आपना समय कहा बिता रहे है . आज के बच्चे आपना निर्णय स्वांग लेना पसंद करते है. इसके लिए उन्हें दाते ,या रोके टोके नहीं ., उन्हें आपनी दुनिया  बनाने दे , हां लेकिन   अप्रक्त्क्ष रूप  से व् उनकी सुरक्षा पर पूरा ध्यान  दे . अगर  वो किसी पार्टी में जाना चाहे तो उसे रोकने के बजे उसे आपनी रक्षा का टिप्स दे  कि उसे हंसी मजाक में कोई नशा पिला कर  उनके साथ कोई गलती न कर दे  अगर आप उन पे अंकुश लगते है ,तो ओ आप  से झूठ भी बोल सकते है .  अगर आपने बिश्वाश में लेकर  अहितिअत बरतने के लिए  बताएँगे , तो उनमे समझ अवम जिमेदारी आएँगी .






note ;;- गौरव  पढने में बहुत  अच्छा  अवम शांत स्वाभाव का था. सहर में कोचिंग करने आया उसका सांगत ऐसे  लड़के लड़की से हो गयी  जो आजाद पंछी कि तरह उरना चाहते थे . गौरव को लगा कि वह भी युवा हि तो है. जिंदगी आपनी मार्गी से जी सकते है . फिर क्या तरह कि न कोई रोकने वाला , न कोई टोकने वाला , देर रात  दोस्तों के साथ पार्टी , और  मूवी - मस्ती उसका ज़िन्दगी  बन गयी , वह कब पढाई से दूर होते चला गे उसे पत हि न चला . घर से फ़ोन आता तो वह झूठ बोल देता . झटका गौरव को तब लगा कि उसका प्रेमी उसे चोर कर किसी और से प्यार करने लगा  लडकिय मजक उराने लगे , काफी देर हो चुकी थी  परीक्षा में भी असफल मिला , कोई रास्ता नहीं  बचा , यह कहानी सिर्फ गौरव कि हि नहीं , ऐसे बहुतो लडकिय लड़के , ऐसे चका चौध में फास कर आपनी ज़िन्दगी को बिगर लेते है.



Saturday, 14 May 2016

झील बन जाओ ! झील बन जाओ

jheel ban jaao  झील बन जाओ 

एक बार एक युबक किसी गें मास्टर के पास पंहुचा . 
और वह युवक मास्टर जी  से कहा कि ,मास्टर जी ,मै आपने जिन्दगी से बहुत परेसान हु , 
कृपया आप हमें इस परेशानी से निकलने का उपाय बताइए .
 तब मास्टर जी ने उस युवक से बोले कि ग्लाश में  पानी के साथ एक मुठ्ठी  नमक  दाल कर , उस एक ग्लाश पानी को पी जाओ .
 युवक ने ऐसा हि किया .


इसक स्वाद कैसा लगा , मास्टर ने पूछा |, युवक थूकते हुआ ,बोला बहुत ख़राब  बहुत बेकार , 

मास्टर जी मुस्कुराते हुए बोले कि , एक बार फिर से एक मुठ्ठी नमक ले लो , और मेरे पीछे पीछे आओ .



दोनों धीरे धीरे आगे बढ़ने लगे  ,स्व्छय  पानी से बनी एक झील के सामने रुक गये , 
और अब दोनों एक नावपे बैठे ,और झील में कुछ दूर जाने के बाद , 


मास्टर जी ने उस युवक से कहा कि अब उस नमक को  ,पानी में दाल दो , और इस पानी को पियो, मास्टर जी ने निर्देश दिया .
युवक ने बिल्कुल एषा हि किया 


युवक ने उस झील कि पानी को पिया , ,तो एक बार मास्टर जी ने फिर से पूछा कि क्या , बताओ कि इस पानी का स्वाद कैसा लगा .

 युवक ने बोला कि ये पानी तो बहुत अच्छा है , और बहुत मीठा भी., मास्टर जे अब उसके साथ चलने लगे ,और उस युवक का हाँथ थमते हुए बोला कि , कि जीवन कि दुःख बिलकुल नमक कि तरह है .
, ना इस से कम और न इस से ज्यादा  . जीवन में दुःख कि मात्र व्ही रहती है ., लेकिन हम कितने दुःख का  स्वाद लेते है , ये हम  पे निर्भर करता है ., हम उसे किस पात्र में दाल रहे है ., बस तुम जब दुखी हो तो , खुद को बार कर लो , गिलास मत बनो , झील बन जाओ.



बाय  दोस्तों.

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Sunday, 8 May 2016

माँ : भगवान् का भेजा हुआ एक फरिस्ता , MAA GOD KA BHEJA HUAA EK FRISTA .?

 माँ : भगवान्  का  भेजा  हुआ एक फरिस्ता , MAA GOD KA BHEJA  HUAA EK FRISTA .?

EMOTIONAL  HINDI STORY  ON  MOTHER'SDAY

HAPPY MOTHER'SDAY, I LOVE U MOM ,
 DOSTO ,AAJ , MOTHER'S DAY HAI ,HAM AAPNI MAA KI TRAH AAP SABHI KO MAA KO BHI  ,WISH KARNA CHATA HU , HAPPY MATHERS DAY, I LOVE U MOM .

Saturday, 7 May 2016

गुलाम कि सीख हिंदी कहानी HINDI STORY/

गुलाम कि सीख


दास प्रथा के दिनों में एक  मालिक के पास अनेक गुलाम [नौकर ] हुआ करती थी |उन्ही में से एक था अन्कुर्मान 



 अन्कुर्मान  था तो सिर्फ एक गुलाम ,लेकिन वह बार हि चतुर और बुद्धिमान था | उसकी ख्याति दूर दराजो कि इलाके में फैलने लगी  थी |

Thursday, 5 May 2016

जिंदगी में progress न करने कि 5 वजह ? जिंदगी में progress न कर पाने कि पांच वजह??

जिंदगी में progress न करने कि  5 वजह ? जिंदगी में progress न कर पाने कि पांच वजह??

दोस्त, आज मै जब एक होटल में गया तो  जब गेट से इंटर

Monday, 2 May 2016

जीवन कि डोर

जीवन कि डोर 

Fairy Tales in hindi/ परी कथा


एक बहुत सुंदर सी पारी कथा

Vivo V27 Pro review: All-round smartphone with focus on imaging capability

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